झाबुआ से श्याम त्रिवेदी की रिपोर्ट
किसानों के ऋण चुकाने की सीमा बढाये सरकार - डाॅ विक्रांत भूरिया
मुख्यमंत्री और सहकारिता मंत्री को लिखा पत्र।
झाबुआ । झाबुआ विधायक एवं आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. विक्रांत भूरिया ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री और सहकारिता मंत्री को एक पत्र लिखकर सहकारी संस्थाओं के कैशलेस ऋण जमा करने की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया है।
विधायक डॉ. भूरिया ने पत्र में अनुरोध किया है कि वर्ष 2025–26 हेतु सहकारी समितियों में ऋण जमा करने की अंतिम तिथि 28 मार्च 2026 निर्धारित की गई है, चूंकि इस वर्ष असमय पूरे प्रदेश में अतिवृष्टि के कारण किसानों की खरीफ फसल खराब हो गई है एवं झाबुआ जिला आदिवासी बहुल जिला होकर यहां किसानों के पास बहुत कम भूमि होती है तथा उनका मुख्य जीवनयापन कृषि से ही होता है। वर्तमान में बेमौसमी बारिश से वर्तमान में गेहूं कटाई का कार्य चल रहा है।
विधायक डॉ. भूरिया ने कहा कि वर्तमान में शासन द्वारा गेहूं उपार्जन की खरीद 01 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। ऐसी स्थिति में सहकारी समितियों द्वारा गेहूं की खरीद के पश्चात राशि किसानों के खातों में जमा होगी। ऐसी स्थिति में वर्तमान में सहकारी संस्थाओं में ऋण जमा करने में किसानों को कठिनाई हो रही है। ऋण जमा न करने की स्थिति में किसान डिफाल्टर घोषित हो जाएंगे, साथ ही सहकारी संस्थाओं की वित्तीय स्थिति खराब होगी।
डॉ. भूरिया ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग से अनुरोध करते हुए कहा है कि सहकारी संस्थाओं के ऋण जमा करने की अवधि 15 मई 2026 तक बढ़ाने संबंधी आदेश प्रसारित करें जिससे किसानों को राहत मिल सके।
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