(TET) परीक्षा का किया विरोध।

झाबुआ से श्याम त्रिवेदी की रिपोर्ट

झाबुआ से श्याम त्रिवेदी की रिपोर्ट

जिले के हजारों शिक्षकों ने टेट (TET) परीक्षा का किया विरोध।

रैली निकालकर दिया ज्ञापन। 

झाबुआ । जिले अध्यापक संयुक्त शिक्षक मोर्चा द्वारा अंबेडकर पार्क में बुधवार को एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया जिसमें हजारों की संख्या में शिक्षक टेट (TET) परीक्षा को लेकर एकत्रित हुए ।

अंबेडकर पार्क में अध्यापक संयुक्त मोर्चे के बैनर तले पदाधिकारी द्वारा सभा में अपने-अपने विचार रखे गए साथ ही सरकार को यह भी बताया गया कि आने वाले समय में अगर हमारी मांगे पूरी नहीं होती है तो एक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा सभी ने अपनी अपनी बात रखी ।

सभा में संगठन के वक्ताओं ने कहा कि यह नियम शिक्षकों पर जबरन थोपा जा रहा है और पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। 20-25 वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को अचानक पात्रता परीक्षा के लिए बाध्य करना न्यायसंगत नहीं है।

उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाते हुए शिक्षा के साथ-साथ बीएलओ, सर्वे, जनगणना और चुनाव जैसे शासकीय कार्य भी पूरी निष्ठा से करते हैं।

अन्य पदाधिकारी ने बताया कि वर्ष 1995 से 2011 के बीच नियुक्त शिक्षकों की भर्ती शासन द्वारा तय मापदंडों के अनुसार वैधानिक रूप से की गई थी। उस समय टीईटी अनिवार्य नहीं था, इसलिए अब 45-50 वर्ष की आयु में परीक्षा के लिए बाध्य करना अव्यावहारिक है।

संगठन ने मांग की है कि सरकार इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर स्पष्ट करे कि 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी नियम लागू नहीं होना चाहिए।

शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग में शिक्षकों को पढ़ाई के अलावा अन्य कार्यों में अधिक लगाया जाता है, जिससे उन्हें “प्रयोगशाला” की तरह उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अन्य विभागों में भी इस प्रकार के नियम लागू किए जाएं, तो क्या सभी कर्मचारी उसे पूरा कर पाएंगे।

 25 से 30 वर्ष सेवा देने के बाद परीक्षा लेना शिक्षकों का अपमान।
अंबेडकर पार्क संयुक्त मोर्चे की सभा में शिक्षकों ने बताया है कि हमारे शिक्षकों द्वारा 25 से 30 वर्ष की सेवा के बाद उनकी परीक्षा लेना एक प्रकार से अपमान है साथ ही यह भी उन्होंने बताया की नियुक्ति दिनांक में इस प्रकार की किसी भी तरह की परीक्षा लेने का उल्लेख आदेश में नहीं किया गया उसके बाद यह परीक्षा लेना उचित नहीं है ।
 
योग्यता का पैमाना केवल शिक्षकों पर ही क्यों लागू किया जाता है हमेशा।
संगठन के वक्ताओं का कहना है कि आखिर योग्यता साबित करने का यह पैमाना सिर्फ शिक्षा विभाग में ही क्यों लागू किया जाता है सरकार को सभी विभागों में इस प्रकार की परीक्षा लेना सभी सरकारी कर्मचारियों की पात्रता को जांचना चाहिए तब यह नियम शिक्षकों पर लागू करें ।
 
18 अप्रैल को भोपाल में झाबुआ से हजारों की संख्या में पहुंचेगे।
सरकार अगर 8 अप्रैल 11 अप्रैल के ज्ञापन से शिक्षकों की मांगों पर  माननीय सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दर्ज नहीं करवाती है तो झाबुआ से हजारो की संख्या में  18 अप्रैल को भोपाल धरना प्रदर्शन के लिए में बड़ी संख्या में पहुंचेंगे ।

अध्यापक संयुक्त शिक्षक मोर्चा जिला झाबुआ।

बडी संख्या में निकली रैली। 
सभा के तुरंत बाद जिले के समस्त शिक्षक अंबेडकर पार्क से होकर राजगढ़ नाका घूमते रैली के रूप  कलेक्टर कार्यालय पहुंचै जहां मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एसडीएम मंडलोई जी को सौंपा
 
ज्ञापन में सम्मिलित संयुक्त मोर्चे के पदाधिकारी  कालूसिंह सोलंकी, दीवानसिंह भूरिया, गजेंद्र चंद्रावत, फिरोज खान, संजय सिकरवार, प्रकाश पालीवाल, पप्पूसिंह हटीला,  अनिल कोठारी, मनीष पवार, राकेश परमार, सेलू पंवार, दिनेश चौहान, किशोर परमार, सुशील, जैसवाल, अजय देशमुख, ब्रजकिशोर सिंह सिकरवार, ,केशव बुंदेला,जवानसिह बारिया, संजय माथुर, हरिश कुण्डल, मगनसिह बघेल, शंकरसिंह राठौड़, अजय देशमुख, जवानसिंह बरिया, जसवंत डामोर, महेंद्र कच्छावा, महेश बामनिया सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित थे।
 साथ ही बड़ी संख्या में महिलाएं भी उपस्थित रही



प्रदेश स्तर की मांगे मुख्य रूप से तीन रखी गई।
1. टेट परीक्षा की अनिवार्य समाप्त किया जावे ।
2. समस्त शिक्षक संवर्ग की नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता दी जावे।
3. पुराने शिक्षकों की भांति अध्यापक संवर्ग को भी पुरानी पेंशन का लाभ दिया जावे ।

जिला स्तर भी ज्ञापन सोपा गया।
1. 12 एंव 24 वर्ष पूर्ण करने वाले प्राथमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षकों की क्रमोन्नति के आदेश यथाशीघ्र जारी करने हेतु ।
2. जिले में कार्यरत शिक्षकों के लंबित एरिया राशि का भुगतान यथाशीघ्र किया जावे ।
3. जिले में भीषण गर्मी के चलते स्कूल का संचालन प्रातः काल में किया जावे
4. जिले में नवनियुक्त शिक्षकों के तीन वर्ष पूर्ण होने पर 100% वेतन का भुगतान किया जावे
5. प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत बीएससी/सीएससी का लंबित प्रकरण 2023-24 2024-25 का भुगतान शीघ्र किया जावे।
व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़े Join Now

News Editor

श्याम त्रिवेदी प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के लिए दो दशकों से कार्य कर रहे हैं। इनमें नईदुनिया समाचार पत्र और ईटीवी न्यूज चैनल प्रमुख रूप से शामिल है । समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा के लगातार 15 वर्षो से स्ट्रिंगर होकर मध्यप्रदेश शासन के जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है । राजनीति और प्रशासनिक विषय पर गहरी पकड रखते हैं । झाबुआ 24 के प्रधान संपादक है.

Post a Comment

Oops!
It seems there is something wrong with your internet connection. Please connect to the internet and start browsing again.
AdBlock Detected!
We have detected that you are using adblocking plugin in your browser.
The revenue we earn by the advertisements is used to manage this website, we request you to whitelist our website in your adblocking plugin.
Site is Blocked
Sorry! This site is not available in your country.