झाबुआ से श्याम त्रिवेदी की रिपोर्ट
मामला टीईटी का - जिले के चार हजार शिक्षक हो रहे प्रभावित।
संसद भवन में कई मंत्रियों और सांसदों को सौंपे ज्ञापन।
झाबुआ। जिले सहित प्रदेश के शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से राहत दिलाने के लिए मप्र ट्राईबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने दिल्ली में राज्यसभा सांसद डॉ सुमेर सिंह सोलंकी के नेतृत्व में संसद भवन पहुंचकर कई मंत्रियों और सांसदों के समक्ष टीईटी की अनिवार्यता से सेवारत शिक्षकों के सामने उपजे गंभीर मानवीय संकट से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपे। इसके अलावा संगठन के पदाधिकारी सर्वोच्च न्यायालय में केस लगाने के लिए भी दिल्ली पहुंचे हैं।
संगठन के प्रदेश महासचिव मनीष पंवार झाबुआ एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी इरफान मंसूरी डही ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने के सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 को आए फैसले के बाद शिक्षकों में भय और असंतोष का वातावरण निर्मित है। कारण यह कि यदि वह इस परीक्षा में असफल रहते हैं तो सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जा सकती है।
जिले में इस फैसले से करीब चार हजार शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में जहां शिक्षक संगठन शिक्षकों के हित में प्रदेश सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग कर रहे हैं। वही अपने स्तर से भी वह लड़ाई लड़ रहे हैं।
इसी क्रम में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डीके सिंगौर के नेतृत्व में दिल्ली पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने टीईटी अनिवार्यता को वापस लेने तथा इस मामले में प्रदेश के प्रभावित शिक्षकों की जमीनी स्थिति अन्य राज्यों से भिन्न होने को लेकर विस्तार से बात रखते हुए कई सांसदों के मुलाकात की। उन्हें इस मामले में ज्ञापन सौंपकर भी अवगत कराया गया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कोलकाता में होने से प्रतिनिधिमंडल उनसे नहीं मिल पाया। ऐसे में श्री प्रधान से प्रतिनिधि मंडल के सदस्य बुधवार को मुलाकात करेंगे। साथ ही ट्राईबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन द्वारा शिक्षकों के हित में माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका भी दाखिल कराई जाएगी। इसको लेकर एसोसिएशन पूरी तैयारी के साथ दिल्ली पहुंचा है। दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी के नहीं होने से उनके कार्यालय में ज्ञापन दिया गया।
संगठन के पदाधिकारियों ने कानून विशेषज्ञ, अधिवक्ता एवं राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम ,पूर्व महाधिवक्ता एवं राज्य सभा सांसद विवेक तन्खा एवं मध्य प्रदेश के माननीय सांसद सर्वश्री सुमेर सिंह सोलंकी (सांसद, राज्यसभा), दर्शन सिंह चौधरी (सांसद, होशंगाबाद), महेंद्र सिंह सोलंकी (सांसद, देवास), शंकर लालवानी (सांसद, इंदौर), हिमाद्री सिंह (सांसद, शहडोल), आशीष दुबे (सांसद, जबलपुर),अनिल फिरोजिया (सांसद, उज्जैन),केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक (सांसद, टीकमगढ़),फग्गन सिंह कुलस्ते (सांसद, मंडला), अशोक सिंह (सांसद, राज्यसभा) सहित अन्य राज्यों के सांसद सर्वश्री अरुण गोविल, रामगोपाल यादव,पी.टी. उषा, जयराम रमेश, अमरपाल सिंह मौर्य आदि को ज्ञापन सौंपे गए।
प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डी.के. सिंगौर,
प्रदेश महासचिव सुरेश यादव, हेमेन्द्र मालवीय, कसर सिंह सोलंकी, उमेश यादव, उमेश राठौर, शैलेन्द्र जाधव,
निलेश भावसार,राजेश जोशी,आशीष भावसार,रवि त्रिपाठी आदि उपस्थित थे।
व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़े
Join Now

